गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में दिल्ली पब्लिक लाइ्ब्रेरी द्वारा दिनांक 14.11.2019 को “श्री गुरु नानक देव जी के संदेशों की समकालीन प्रासंगिकता” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन केन्द्रीय पुस्तकालय के सभागार में किया गया । संगोष्ठी डॉ. रामशरण गौड़, अध्यक्ष, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के सान्निध्य में आयोजित की गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जीत सिंह जीत, प्रसिद्ध कवि एवं लेखक ने की । इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. सादिक, प्रसिद्ध चिंतक एवं लेखक एवं सदस्य, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड एवं डॉ. हरभजन सिंह देओल, अध्यक्ष, राष्ट्रीय सिंख संगत, दिल्ली, एन.सी.आर. को आमंत्रित किया गया ।

अय्यंकी वेंकट रामानैया, सचिव, आंध्र प्रदेश लाइब्रेरी एसोसिएशन ने 12 नवंबर, 1912 को मद्रास में एक अखिल भारतीय पुस्तकालय बैठक का आयोजन किया । इस बैठक से इंडियन लाइब्रेरी एसोसिएशन (ILA) का गठन हुआ । बाद में, ILA ने 12 नवंबर की बैठक को प्रमुखता दी और 14 नवंबर को राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के रूप में घोषित किया। पूरे भारत में 1968 से 14 वीं – 20वीं नवंबर को राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह के रूप में मनाया जाता है । राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस/ राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह की हार्दिक शुभकामनाएं